Friday, January 13, 2012

आम आदमी..........












कीड़े मकोडो सा

सिसकता, सिकुड़ता, मरता
अख़बार के पन्नो पर छपा,
गुमनाम
आम आदमी .....

राजशाही, प्रजातंत्र,
साम्यवाद , पूंजीवाद
समाज, राजनीति
के चक्कियों में पिसता
शिथिल, सहमा लाचार,
अन्जान
आम आदमी..........

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