शुक्रिया ऐ दोस्त
तुमने बात तो की.....
शिकायत कई हैं तुम्हे
मुझसे, मेरे अतीत से,
तुमसे मेरी बिखरी यादों का रिश्ता
जानता हूँ, मगर
उस रिश्ते को तुमने एक और नयी पहचान तो दी......
शुक्रिया ऐ दोस्त
तुमने बात तो की.....
सपनो में मिला करता था अक्सर
गुमनाम कई उन रातों में,
और बुनता था तुम्हारी सूरत
यादों के सच्चे धागो से
उन यादों को तुमने एक और नयी याद तो दी......
शुक्रिया ऐ दोस्त
तुमने बात तो की.....
मैंने देखा था नम तुम्हारी आँखों में
गहरी एक खामोश उदासी,
मैंने बातें की थी तुम्हारी पलकों से
तुम्हारे अश्कों से किस्से सुने थे मैंने
उस ख़ामोशी को तुमने एक नयी आवाज़ तो दी .....
शुक्रिया ऐ दोस्त
तुमने बात तो की.....
मैंने देखा था इंतज़ार करते,
खुद को खुदी से अक्सर ज़द्दोज़हद में लड़ते,
और पाया था अक्सर तुमको
मेरा साहस बनकर मेरा साथ देते
मेरी आत्मा से तुमने एक और नयी मुलाकात तो की......
शुक्रिया ऐ दोस्त
तुमने बात तो की.....
मैंने पूछा फिर तुमसे ये स्वप्न है या हकीकत
इससे पहले के तुम कुछ कहती
ओझल होता देखा मैंने उजाले में तुमको
सवेरा हो चला था रात कट चुकी थी.....
सवप्न ही सही पर तुमने एक और नयी मुस्कान तो दी
शुक्रिया ऐ दोस्त
तुमने बात तो की.....
तुमने बात तो की.....
शिकायत कई हैं तुम्हे
मुझसे, मेरे अतीत से,
तुमसे मेरी बिखरी यादों का रिश्ता
जानता हूँ, मगर
उस रिश्ते को तुमने एक और नयी पहचान तो दी......
शुक्रिया ऐ दोस्त
तुमने बात तो की.....
सपनो में मिला करता था अक्सर
गुमनाम कई उन रातों में,
और बुनता था तुम्हारी सूरत
यादों के सच्चे धागो से
उन यादों को तुमने एक और नयी याद तो दी......
शुक्रिया ऐ दोस्त
तुमने बात तो की.....
मैंने देखा था नम तुम्हारी आँखों में
गहरी एक खामोश उदासी,
मैंने बातें की थी तुम्हारी पलकों से
तुम्हारे अश्कों से किस्से सुने थे मैंने
उस ख़ामोशी को तुमने एक नयी आवाज़ तो दी .....
शुक्रिया ऐ दोस्त
तुमने बात तो की.....
मैंने देखा था इंतज़ार करते,
खुद को खुदी से अक्सर ज़द्दोज़हद में लड़ते,
और पाया था अक्सर तुमको
मेरा साहस बनकर मेरा साथ देते
मेरी आत्मा से तुमने एक और नयी मुलाकात तो की......
शुक्रिया ऐ दोस्त
तुमने बात तो की.....
मैंने पूछा फिर तुमसे ये स्वप्न है या हकीकत
इससे पहले के तुम कुछ कहती
ओझल होता देखा मैंने उजाले में तुमको
सवेरा हो चला था रात कट चुकी थी.....
सवप्न ही सही पर तुमने एक और नयी मुस्कान तो दी
शुक्रिया ऐ दोस्त
तुमने बात तो की.....

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